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हिन्दी के सभी प्रमुख तार सप्तक कवि II UGC NET II प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए

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तार सप्तक के कवि 1.      तार सप्तक एक ऐसा संकलन जो गुमनाम और विशिष्ट कवियों का महत्वपूर्ण संकलन हैं, जिसे अज्ञेय ने अपने संपादन किया और और उन कवियों को अपने विचार रखने का मंच प्रदान किया, जिसे तार सप्तक के नाम से जाना जाता है.   2.      प्रयोगवाद की शुरूआत 1943 ई. से अज्ञेय के संपादन में प्रकाशित होता है जिसे तार सप्तक भी कहते हैं.   3.      सबसे पहले पयोगवाद शब्द का प्रयोग नन्ददुलारे वाजपेयी ने किया है अपने निबन्ध शीर्षक ‘ प्रयोगवादी रचनाएं’ में किया है.   4.      ‘बैठे ठाले का धन्धा’ भी कहा है नन्ददुलारे वाजपेयी ने हिन्दी के तार सप्तक  अज्ञेय के संपादन में चार सप्तकों का प्रकाशन भी हुआ है, जो निम्न है :- a.     तार सप्तक – 1943 ई. b.     दूसरा सप्तक - 1951 ई. c.      तीसरा सप्तक - 1959 ई. d.     चौथा सप्तक - 1979 ई.   5.      ‘राह...