संदेश

हिन्दी नाटक लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हिन्दी के प्रमुख नाटककार जन्म तिथि के साथ

हिन्दी के नाटककार 1.       उपेन्द्रनाथ अश्क – 1910-1996 2.       जगदीशचन्द्र गुप्त – 1917-1987 3.       धर्मवीर भारती – 1926- 4.       विपिन कुमार अग्रवाल – 1919-1990 5.       विष्णु प्रभाकर - 1912 6.       मोहन राकेश – 1925-1972 7.       लक्ष्मीनारायण लाल – 1925-1987 8.       सुरेन्द्र वर्मा - 1941 9.       गिरिराज किशोर - 1925 10.   भीष्म साहनी - 1925 11.   मुद्रारासक्ष – 1933 12.   शंकर शेष – 1933-1981 13.   ज्ञानदेव अग्निहोत्री - 14.   रमेश बक्षी - 1936 15.   हमीदुल्ला - 1988 16.   चिरंजीत लक्ष्मी कान्त वर्मा - 1919 17.   मणि मधुकर - 18.   सर्वेश्वरदयाल सक्सेना - 19.   अमृत राय -

हिन्दी भाषा साहित्य के नाट्य जीवन है रंगमंच

चित्र
नाट्य का जीवन है रंगमंच हिन्दी नाटक और  रंग मंच  काव्य शास्त्र के नौ रसों में शान्त रस को छोड़कर सभी का समावेश नाटक में होता है. अभिनय नाटक की विशेषता है, तो रंगमंच नाटक की कथावस्तु, शिल्प और भाव-भंगिमा को प्रस्तुत करने का मंच है. नाटक जब किसी मंच पर प्रस्तुत होगा तभी वह जिवंत होगा. नाटक और रंगमंच को लेकर जयशंकर प्रसाद का मंतव्य है, “नाटककार यदि अपने अनुकूल रंगमंच की मांग करता है तो उसके ऊपर यह फतवा देना ठीक नहीं कि उसे रंगमंच का आदिकर्ता होता है.” हिन्दी में नाट्य साहित्य की शुरुआत भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से मानी जाती है तो हिन्दी साहित्य में अध्ययन सुविधा को दृष्टि गत रखते हुए हिन्दी नाट्यकला के विकास को चार काल खण्डों में बांटा गया है, जिनमें भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, महावीर प्रसाद द्विवेदी, जयशंकर प्रसाद और प्रसादोत्तर युगीन नाटक (1937 से अब तक) भारतेन्दु रचित नाटकों के सन्दर्भ में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कहते हैं, ‘नाटकों की रचना में उन्होंने मध्यम मार्ग का आलंबन किया. न तो बांग्ला की नाटकों की तरह प्राचीन भारतीय शैली को एक बार की होड़ पर अंग्रेजी नाटकों की नकल पर चल...

जयशंकर प्रसाद के सभी नाटकों के स्त्री और पुरुष सभी पत्रों की एक सूची जो सभी परीक्षाओं के लिए उपयोगी जानकारी UGC NET

चित्र
जयशंकर प्रसाद के सभी नाटकों के सभी स्त्री और पुरुष पत्रों  की एक सूची सभी परीक्षाओं के लिए उपयोगी जानकारी कजयशंकर प्रसाद के नाटक  प्रसाद के नाटक      1.              उर्वशी चम्पू      2.              सज्जन –  1910      3.              प्रायश्चित  – 1913      4.              कल्याणी परिणय  – 1912      5.              करुणालय  – 1912      6.              राज्यश्री  – 1915      7.          ...