राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा के प्रमुख कवि II UGC NET


राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा के प्रमुख कवि




      1.     माखनलाल चतुर्वेदी 
क.   हिमकिरिटनी
ख.  हिमतरंगिनी
ग.   वेणु लो गूंजे धरा,
घ.   माता
ङ.    युगचरण
च.   मरण ज्वार
छ.  बीजुरीकाजर आँच रही
ज.  ध्रूम वलय  

      2.     बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
क.  कुंकम
ख.  रश्मि रेखा और अपलक
ग.   क्वाशि
घ.   उर्मिला (काव्य खण्ड)
ङ.    हम विषपायी जनम के

     3.     सियारामशरण गुप्त
क.  मौर्यविजय
ख.  अनाथ
ग.   दूर्वादल
घ.   आर्दा
ङ.    आतोसर्ग
च.   पाथेय
छ.  मृण्मयी
ज.  बापू
झ.  उन्मुक्त
ञ.   दैनिकी
ट.    नकुल
ठ.    नोआखली
ड.     जय हिन्द 

     4.     सुभद्रा कुमारी चौहान
क.  त्रिधारा
ख.  मुकुल

      5.     रामधारी सिंह दिनकर
क.  रेणुका
ख.  हुँकार
ग.   रसवंती
घ.   द्वंद्व गीत
ङ.    कुरुक्षेत्र
च.   सामधेनी
छ.  उर्वशी (गीतिनाट्य)
ज.  रश्मिरथी
झ.  परशुराम की प्रतीक्षा
ञ.   इतिहास के आँसू धूप और धुआँ
ट.    दिल्ली
ठ.    नीम के पत्ते
ड.     नील कुसुम
ढ.    हारे के हरिराम



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