हिन्दी की सूफी प्रेमाख्यान काव्य परंपरा II UGC NET II बहुत महत्वपूर्ण जानकारी केवल आप सभी के लिए


हिन्दी की सूफी प्रेमाख्यान काव्य परंपरा

डॉ. गणपति चन्द्र गुप्त ने अपनी इतिहास कृति ‘हिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास’ में देखा जाता है. उन्होंने इस परंपरा के अंतर्गत सूफी एवं गैर सूफी रूपों से जुड़ी कृतियों को एक मानकर उसे ‘रोमंसिक कथा काव्य परंपरा’ का नाम दिया है. उन्होंने इस नामकरण को केन्द्र में रखते हुए टिप्पणी दी है – ‘प्रस्तुत काव्य परंपरा को अब तक विभिन्न नामों से पुकारा जाता रहा है. यथा – प्रेमार्गी (सूफी शाखा, प्रेमकाव्य, प्रेम गाथा, प्रेम कथानक काव्य, प्रेम काव्य,प्रेमाख्यान आदि’) यह आश्चर्य की बात है कि हिन्दी के विभिन्न विद्वानों ने इस विभिन्न नामों का प्रयोग करते हुए समय इनके कार्य का स्पष्टीकरण करने का  प्रयास नहीं किया है’.

उन्होंने रोमांसिक कथा काव्य की दो श्रेणियाँ की है :

a.       पूर्वमध्यकाल की रचनाएँ
b.      उत्तर मध्यकाल की रचनाएँ
a.       पूर्व मध्यकाल के अंतर्गत डॉ. गणपति चन्द्र गुप्त ने निम्नलिखित काव्यों को रखा है :-
1.       आसाइत – हंसावली – 1370
2.       मुल्ला दाऊड  कृत चंदायन -13 79, लोरकहा – डॉ. माताप्रसाद गुप्त
3.       लखमसेन – पद्मावती – 1559
4.       ईश्वरदास – सत्यवती – 1501
5.       कुतबन – मृगावती – 1503
6.       गणपति – माधवानल कान कन्दला – 1527
7.       जायसी – पद्मावत – 1520
8.       नन्ददास – रुपमंजरी – 1568

यहाँ इस पूर्व मध्यकाल में यही आठ रचनाएँ हैं.

b.      उत्तर मध्यकाल की स्थिति इस प्रकार है :-
1.       उसमान – चित्रावली – 1615
2.       पुहकर – रसरतन
3.       शेख नवी – ज्ञानदीप
4.       जानकवि – कथा रतनावती, कनकावती आदि 29 प्रेमकथाएं –
5.       सूरदास – लखनवी – नलदमन
6.       दुःखहरण दास – पुह्पावती
7.       दामोदर – माधवानल रामाकंदला –
8.       नूर मुहम्मद – इन्द्रावती, अनुराग बाँसुरी –
और इस प्रकार 1917 तक लिखी जाने वाली प्रेमकथाओं का उल्लेख इस प्रकार किया गया है.
इस परंपरा के काव्यों की सूची आचार्य पंडित रामचन्द्र शुक्ल ने अपने इतिहास में इस प्रकार दी है :-
1.       ढोला मारू रा दूहा (प्राचीन)
2.       लक्ष्मणसेन पद्मावती कथा – दामो कवि
3.       सत्यवती कथा – ईश्वरदास 
4.       माधवानल काम कन्दला – आलम
5.       रसरतन – पुहकर कवि
6.       पद्मिनी चरित्र – लालचन्द
7.       कनक मंजरी-काशीराम

हिन्दी के सूफी प्रेमाख्यानक काव्यों की एक लंबी तालिका आचार्य परशुराम चतुर्वेदी ने दी है. यह तालिका इस प्रकार है.

1.       मुल्ला दाऊद – चंदायन
2.       शेख कुतबन – मृगावती
3.       मलिक मुहम्मद जायसी – पद्मावत –
4.       मंझन – मधुमालती –
5.       शेख उस्मान – चित्रावली
6.       जानकवि – कनकावती
7.       शेखनवी – ज्ञानदीप
8.       जानकवि – कामलता
9.       “       - मधुमालती
10.   “       - रतनावली
11.   “       - छिता
12.   हुसैन अली – पुहुपावती
13.   कासिम शाह – हंस जवाहर
14.   नूर मुहम्मद – इन्द्रावती
15.   नूर मुहम्मद – अनुराग बाँसुरी
16.   शेख निसार – युसूफ जुलेखा
17.   ख्वाजा अहमद – नूरजहाँ
18.   शेख रहीम – भाषा प्रेम रस
19.   कवि नसीर – प्रेमदर्पण
20.   अली मुराद – कथा कुँवरावत – अज्ञात, अप्रकाशित 
  

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